Rashtriya Pakshi Mor Essay Writing

मोर पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4 के लिए

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। इनको मयूर भी कहा जाता हैं। मोर दिखने में बहुत ही आकर्षक होते हैं। ये भारत में लगभग सभी जगह पाए जाते हैं। मोर चमकीले हरे-नीले रंग के होते हैं। इनकी गर्दन नीले रंग की तथा बहुत ही लम्बी होती है। इसके पंख लंबे हैं व रंगीन होते हैं जिन पर हरे, नीले, पीले और सुनहरे रंगों के चांद जैसे स्पॉट होते हैं। इनके पैर बहुत लम्बे होते हैं। इनके सर पर एक कलगी होती है जिसके कारण इन्हें पक्षियों का राजा भी कहा जाता है। इनकी उम्र लगभग 10 से 25 वर्ष तक की होती है। इनके पंख बहुत ही बड़े होते हैं जिससे इनकी लम्बाई लगभग 1 मीटर से भी ज्यादा हो जाती हैं। मोर बादलों को बहुत पसंद करता है। यह बरसात के मौसम में नृत्य करता है। जब मोर नृत्य के लिए अपने पर फैलाता है, तो यह एक रंगीन पंखे की तरह दिखाई देती है। वहीँ दूसरी ओर मोरनी इतनी आकर्षक नहीं होती। यह आकार में मोर से छोटी होती है। मोरनी का रंग भूरा होता है। इसके पैर बदसूरत होते हैं। मोर अपने भोजन के लिए खाद्यान्नों और कीड़ों पर निर्भर रहता है। मयूर खेतों और बगीचों में पाए जाते हैं वे अनाज खाते हैं।  वे किसानों के दोस्त और कीड़े के दुश्मन हैं। मोर सांप का भी शिकार कर लेते हैं। 

मोर भारत के विभिन्न जगहों पर पाए जाते हैं जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान आदि। परन्तु आज मोर लुप्त होने की कगार पे हैं। एक ओर जहां इनकी सुंदरता के लिए इनको सराहा गया वहीँ दूसरी ओर  इनका शिकार भी  किया गया। मोर के संरक्षण के लिए सरकार ने विभिन्न नेशनल पार्क बनाये हैं परन्तु इनके संरक्षण के लिए अभी बहुत-कुछ किया जाना बाकी है। 


SHARE THIS

हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर है। मोर दिखने में बहुत सुन्दर होता है। उसके शरीर का हर एक अंग उसकी सुंदरता पर चार चाँद लगाता है।

उसका शरीर नीले रंग का होता है। और पंखों में ना जाने कितने रंग होते हैं। जैसे हरा नीला गुलाबी बैगनी।  उसके पंख बड़े -बड़े होते हैं। और जब मोर अपना पंख खोलता है तो वह और भी सुन्दर लगता है।

उसकी आँखे लम्बी और खूबसूरत होती हैं। यह कार्तिक भगवान का वाहन भी है।  यह कृष्ण भगवान का एक रूप भी है। जब मोर अपने पंख खोलता है तो वह एक अदभुत नजारा होता है।  हमारे देश में मोर रांची बिहार मथुरा वाराणसी और राजस्थान के इलाकों में ज्यादा संख्या में पाये जाते हैं। इनका शरीर बड़ा और भारी होता है।  जिसके कारण यह ज्यादा ऊंचाई तक उड़ नहीं पाते हैं।  यह दान बीज आदि खातें हैं।  कहा जाता है की यह सांप भी खाता है। मगर इनपे सांप के विष का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह बहुत शान से राजा की तरह चलता है। इनकी खुबिंया तो बहुत हैं जिनमे से कुछ नीचे लिखा हुआ है।

यह बारिश होने का अंदाजा लगा लेता है।  उसके तन का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग जो की पंख है। हिन्दू संस्कृति में माना जाता है की इसके पंख घर में रखने से सुख शम्पत्ति का लाभ होता है।  लोग इसके पंख को किताब में निशान के लिए प्रयोग करते हैं।

0 thoughts on “Rashtriya Pakshi Mor Essay Writing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *